✍️गिरधर पाराशर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ भाग का भाग अभ्यास वर्ग मांडलगढ़ में संपन्न हुआ। इस भाग अभ्यास वर्ग में संगठनात्मक, छात्रहित और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई जिसमें विभाग संयोजक कुनाल सिंह राणावत जिला विस्तारक अनिल सुथार उपस्थित रहे। वर्ग के समापन सत्र में जिला संयोजक भावेश छिपा ने मांडलगढ़, बिजौलिया एवं कोटड़ी नगर की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की, जिसमें मांडलगढ़ नगर मंत्री अर्जुन साहू, बिजौलिया नगर मंत्री दीपक धाकड़,कोटड़ी नगर मंत्री राहुल आचार्य को नियुक्त किया। अभ्यास वर्ग में नगरों की कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमें मांडलगढ़ नगर सह मंत्री कविता वैष्णव, संजू गुर्जर,नरेश शर्मा, अर्जुन साहू, कार्यालय मंत्री अर्क वैष्णव, एसएफडी संयोजक मनीष यादव,सह संयोजक लोकेश सैनी,कानाराम मीणा, एसएफएस संयोजक राहुल बैरवा, सह संयोजक संग्राम सिंह,मूलचंद मीणा, रवि सालवी, राष्ट्रीय कलमंच संयोजक चंचल धाकड़, सह संयोजक नेहा सेन, खेलो भारत संयोजक सुजल मीणा, सह संयोजक प्रीतम सेन,रविन्द्र सेन, मीडिया संयोजक अंकित आचार्य, सोशल मीडिया संयोजक जगदी...
भीलवाड़ा जिले के बडलियास गांव के निकट चवरा के हनुमानजी मंदिर के पास बेडच नदी में शुक्रवार को नहाने गए दो युवक बहे
✍️गिरधर पाराशर
भीलवाड़ा जिले के बडलियास गांव के निकट चवरा के हनुमानजी मंदिर के पास बेडच नदी में शुक्रवार को नहाने गए दो युवक अचानक तेज बहाव में फंस गए।
इस हादसे में एक युवक को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दूसरा युवक नदी की धारा में बह गया जिसकी तलाश देर शाम तक जारी रही।
जानकारी के अनुसार चवरा हनुमानजी मंदिर के पीछे नदी में नहाते समय कचोलिया निवासी 20 वर्षीय उदयलाल किर अचानक गहरे पानी और तेज धारा में बह गया। उसके साथ मौजूद समेलिया निवासी गोपाल किर ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।
ग्रामीणों ने बताया कि उदयलाल अपने ननिहाल रामपुर आया हुआ था और वहीं से अपने मित्र के साथ नदी में स्नान करने पहुंचा था। अचानक तेज बहाव आने से वह संतुलन खो बैठा और गहरे पानी में बह गया।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई और तत्काल प्रशासन को खबर दी गई। इसके बाद SDRF की टीम को बुलाया गया, जो ग्रामीणों की मदद से देर शाम तक नदी में तलाश करती रही। हालांकि खबर लिखे जाने तक उदयलाल का कोई सुराग नहीं लग पाया था।
ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी के गहरे और खतरनाक हिस्सों पर सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में दस तरह की घटनाएं न हों।