✍️गिरधर पाराशर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ भाग का भाग अभ्यास वर्ग मांडलगढ़ में संपन्न हुआ। इस भाग अभ्यास वर्ग में संगठनात्मक, छात्रहित और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई जिसमें विभाग संयोजक कुनाल सिंह राणावत जिला विस्तारक अनिल सुथार उपस्थित रहे। वर्ग के समापन सत्र में जिला संयोजक भावेश छिपा ने मांडलगढ़, बिजौलिया एवं कोटड़ी नगर की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की, जिसमें मांडलगढ़ नगर मंत्री अर्जुन साहू, बिजौलिया नगर मंत्री दीपक धाकड़,कोटड़ी नगर मंत्री राहुल आचार्य को नियुक्त किया। अभ्यास वर्ग में नगरों की कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमें मांडलगढ़ नगर सह मंत्री कविता वैष्णव, संजू गुर्जर,नरेश शर्मा, अर्जुन साहू, कार्यालय मंत्री अर्क वैष्णव, एसएफडी संयोजक मनीष यादव,सह संयोजक लोकेश सैनी,कानाराम मीणा, एसएफएस संयोजक राहुल बैरवा, सह संयोजक संग्राम सिंह,मूलचंद मीणा, रवि सालवी, राष्ट्रीय कलमंच संयोजक चंचल धाकड़, सह संयोजक नेहा सेन, खेलो भारत संयोजक सुजल मीणा, सह संयोजक प्रीतम सेन,रविन्द्र सेन, मीडिया संयोजक अंकित आचार्य, सोशल मीडिया संयोजक जगदी...
संवाददाता गिरधर पाराशर
मांडलगढ़, भीलवाड़ा
झगझोर देने वाली मासूम घटना सीताकुण्ड स्थित सुनसान जंगल मे कुमाता अपने कलेज़े के टुकड़े को पत्थर निचे दबाकर व मुँह फेविक्कीक डाल दी ताकी रोने की आवाज़ बहार नहीं आवे। इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना का चौथे दिन हुआ पर्दा पास ।
भीलवाड़ा में मासूम के मुंह में पत्थर ठूंसकर उसकी हत्या का प्रयास करने वाला उसका नाना है। आरोपी से पुलिस ने शनिवार (27 सितंबर) सुबह पूरा सीन रिक्रिएट करवाया।
इस दौरान वारदात स्थल पर बच्चे की मां भी मौजूद थी। आरोपी नाना ने बताया कि उसकी बेटी कुंवारी है और इज्जत बचाने और शादी करने के लिए ऐसा किया।
इधर, बच्चे का इलाज भीलवाड़ा के जिला अस्पताल में चल रहा है। पूरी बॉडी में इंफेक्शन फैलने के कारण हालत गंभीर बनी हुई है। बच्चे को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। मासूम 23 सितंबर को पत्थरों में दबा हुए मांडलगढ़ थाना क्षेत्र में मिला थाको पुलिस 27 सितंबर की सुबह घटना स्थल पर लेकर पहुंची। सीन रिक्रिएट करवाया कि उन्होंने कैसे पूरी वारदात को अंजाम दिया। रिक्रिएशन के बाद आरोपी नाना ने बताया कि...
" बूंदी से भीलवाड़ा जाते समय बच्चे और बेटी के साथ वह जंगल के रास्ते में मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के सीता का कुंड मंदिर के पास उतर गया। पत्नी को आगे रुककर इंतजार करने के लिए भेज दिया। इसके बाद धन्नालाल ने बेटी को पत्थरों के ढेर से थोड़ी दूर पहले ही खड़ी कर दिया। तौलिया लपेटकर पहले बच्चे को पत्थरों के ढेर के पास रखा। फिर पत्थर पर फेविक्विक लगाई और मासूम के मुंह में ठूंस दिया। बची हुई फेविक्विक पत्थर ठूंसने के बाद ऊपर से लगा दी।
पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद बेटी के साथ सड़क पर आए। यहां से ट्रैक्टर में लिफ्ट ली और घटना स्थल से 20 किलोमीटर दूर तिलस्वां महादेव मंदिर पहुंचे, जहां धन्नालाल की पत्नी पहले से इंतजार कर रही थी।
दर्शन के बाद खुली धर्मशाला में रुक गए थे। आरोपियों को पुलिस ने 26 सितंबर को मंदिर परिसर से गिरफ्तार कर लिया था।
मांडलगढ़ थाना ASI रामलाल मीणा ने बताया-मांडलगढ़ थाना क्षेत्र में 23 सितंबर को मासूम पत्थरों के बीच दबा मिला था।
वारदात को अंजाम देने के बाद युवती कविता (बदला हुआ नाम) और उसका पिता धन्नालाल (बदला हुआ नाम) बिजौलिया होते हुए तिलस्वां महादेव मंदिर चले गए। मंदिर में दर्शन किए और धर्मशाला में रुक गए। घटना के तीसरे दिन 25 सितंबर को पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। सीन रिक्रिएशन के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा।