✍️गिरधर पाराशर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ भाग का भाग अभ्यास वर्ग मांडलगढ़ में संपन्न हुआ। इस भाग अभ्यास वर्ग में संगठनात्मक, छात्रहित और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई जिसमें विभाग संयोजक कुनाल सिंह राणावत जिला विस्तारक अनिल सुथार उपस्थित रहे। वर्ग के समापन सत्र में जिला संयोजक भावेश छिपा ने मांडलगढ़, बिजौलिया एवं कोटड़ी नगर की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की, जिसमें मांडलगढ़ नगर मंत्री अर्जुन साहू, बिजौलिया नगर मंत्री दीपक धाकड़,कोटड़ी नगर मंत्री राहुल आचार्य को नियुक्त किया। अभ्यास वर्ग में नगरों की कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमें मांडलगढ़ नगर सह मंत्री कविता वैष्णव, संजू गुर्जर,नरेश शर्मा, अर्जुन साहू, कार्यालय मंत्री अर्क वैष्णव, एसएफडी संयोजक मनीष यादव,सह संयोजक लोकेश सैनी,कानाराम मीणा, एसएफएस संयोजक राहुल बैरवा, सह संयोजक संग्राम सिंह,मूलचंद मीणा, रवि सालवी, राष्ट्रीय कलमंच संयोजक चंचल धाकड़, सह संयोजक नेहा सेन, खेलो भारत संयोजक सुजल मीणा, सह संयोजक प्रीतम सेन,रविन्द्र सेन, मीडिया संयोजक अंकित आचार्य, सोशल मीडिया संयोजक जगदी...
*पूर्णिमा रविवार के दिन चंद्र ग्रहण 🌒 के कारण श्री जोगणियां माता शक्तिपीठ मंदिर के दर्शन बंद रहेंगे*
✍️गिरधर पाराशर
विक्रम संवत् 2082 भाद्रपद पूर्णिमा रविवार दिनांक 07 सितंबर 2025 को चन्द्र ग्रहण होने के कारण श्री जोगणियां माता शक्तिपीठ मंदिर का पर्दा एवं परिसर में स्थित सभी मंदिरों का पर्दा भी बंद रहेगा एवं मंदिर परिसर का मुख्य द्वार मध्याह्न 12:30 बजे बंद हो जाएगा।
श्री जोगणिया माता शक्तिपीठ प्रबंध एवं विकास संस्थान अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने बताया कि बेगूं के विद्वान पंडित मदन लाल जी काट्या के निर्देशानुसार विक्रम संवत् 2082 भाद्रपद पूर्णिमा रविवार दिनांक 07 सितंबर 2025 को चन्द्र ग्रहण है। जिसका सूतक मध्याह्न 12 : 50 बजे से प्रारंभ हो जाएगा जिसकी विरल छाया में प्रवेश रात्रि 08:58 बजे होगा। जिसका मोक्ष रात्रि 01:27 बजे होगा एवं विरल छाया से निर्गम रात्रि 02:25 बजे होगा।
इसलिए श्री जोगणियां माता शक्तिपीठ मंदिर में माताजी एवं सभी अन्य देवी देवताओं के दर्शन अगले दिन से पूर्ववत रहेंगे।
अतः उक्त समय में सभी भक्त जनों से अनुरोध है कि अपने स्वनिवास या ऐच्छिक स्थान पर रहकर अपने इष्ट की आराधना करें एवं महापुरुषों के कथनानुसार अपना एवं परिवार का खान पान एवं दिनचर्या का पालन करें।
सनातन परंपरा के अनुसार ग्रहण काल में किए जाने वाली पूजा अर्चना का कही गुना अधिक फल मिलता है एवं मंत्र सिद्ध होते है जिससे कही गुना पुण्य एवं धर्मलाभ की प्राप्ति होती है।