✍️गिरधर पाराशर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ भाग का भाग अभ्यास वर्ग मांडलगढ़ में संपन्न हुआ। इस भाग अभ्यास वर्ग में संगठनात्मक, छात्रहित और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई जिसमें विभाग संयोजक कुनाल सिंह राणावत जिला विस्तारक अनिल सुथार उपस्थित रहे। वर्ग के समापन सत्र में जिला संयोजक भावेश छिपा ने मांडलगढ़, बिजौलिया एवं कोटड़ी नगर की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की, जिसमें मांडलगढ़ नगर मंत्री अर्जुन साहू, बिजौलिया नगर मंत्री दीपक धाकड़,कोटड़ी नगर मंत्री राहुल आचार्य को नियुक्त किया। अभ्यास वर्ग में नगरों की कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमें मांडलगढ़ नगर सह मंत्री कविता वैष्णव, संजू गुर्जर,नरेश शर्मा, अर्जुन साहू, कार्यालय मंत्री अर्क वैष्णव, एसएफडी संयोजक मनीष यादव,सह संयोजक लोकेश सैनी,कानाराम मीणा, एसएफएस संयोजक राहुल बैरवा, सह संयोजक संग्राम सिंह,मूलचंद मीणा, रवि सालवी, राष्ट्रीय कलमंच संयोजक चंचल धाकड़, सह संयोजक नेहा सेन, खेलो भारत संयोजक सुजल मीणा, सह संयोजक प्रीतम सेन,रविन्द्र सेन, मीडिया संयोजक अंकित आचार्य, सोशल मीडिया संयोजक जगदी...
देवस्थान विभाग अजमेर द्वारा श्री तिलस्वां मंदिर ट्रस्ट की अनियमता को लेकर जांच शुरू करने का आदेश जारी किया।
देवस्थान विभाग अजमेर द्वारा श्री तिलस्वां मंदिर ट्रस्ट की अनियमता को लेकर जांच शुरू करने का आदेश जारी किया।
@गिरधर पाराशर
श्री तिलस्वां महादेव मंदिर ट्रस्ट तिलस्वां के विरुद्ध में प्रन्यास के वित्तीय अनियमित्ताओं की जांच करने के लिए गिरीश बच्चानी सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग अजमेर ने उपखण्ड अधिकारी बिजौलिया, तहसीलदार बिजोलियाँ जिला भीलवाडा को प्रेषित कर लेख क्रमांकः- एफः ट्रस्ट/देव/2024/ मंदिर की दानपात्रो से प्राप्त राशि की गणना हेतु प्रतिनिधि भिजवाने आदेश जारी किया.।
उपरोक्त विषयान्तर्गत लेख है कि प्रन्यास श्री तिलस्वां महादेव मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में शिकायती प्रार्थना पत्र इस कार्यालय में प्राप्त हुआ है जिसमे मंदिर की भेंट पेटी से निकाली गई धन राशि का दुरूपयोग कर राशि को समय समय पर बैंक खातें में नहीं जमा करने एवं दानपात्र को खोलने के संबंध में प्राप्त धन राशि की हेराफेरी करने एवं धनराशि को रात्रि के समय अपने घरों में पहुंचाने के संबंध में शिकायत दर्ज करायी गयी है। प्रन्यास के विरूद्ध प्राप्त इन शिकायतों के संबंध में राजस्थान लोक न्यास अधिनियम 1959 की धारा 38 के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच कार्यवाही आरम्भ कर दी गई है। इसके अतिरिक्त प्रन्यास की वर्तमान कार्यकारिणी की वैधानिकता की भी जांच अधिनियम की धारा 23 के अन्तर्गत वर्तमान में विचाराधीन है। अतः मंदिर/प्रन्यास के दानपात्रो में प्राप्त धन राशि को प्रन्यास हित में प्रन्यास के बैंक खाते में जमा कराने के संबंध मे यह उचित होगा की दान पात्रो को खोलने की सूचना कम से कम 7 दिवस पूर्व तहसीलदार एवं उपखण्ड अधिकारी बिजौलिया कार्यालय को प्रेषित की जावे एवं तहसीलदार एवं उपखण्ड अधिकारी बिजौलिया द्वारा गणना की कार्यवाही हेतु यदि कोई प्रतिनिधि नियुक्त किया जावें तो उसकी उपस्थिति में ही दानपात्र खुलवाया जाकर उसकी गणना के उपरान्त मंदिर के दानपात्रो को प्रशासनिक प्रतिनिधि की उपस्थिति में सीलबन्द किया जावें ताकि दानपात्रो की राशि में किसी भी प्रकार की हेराफेरी ना हो एवं प्राप्त दान राशि को तुरन्त प्रभाव से प्रन्यास के बैंक खाते करावे।
श्री तिलस्वां महादेव मंदिर ट्रस्ट तिलस्वां के विरुद्ध में प्रन्यास के वित्तीय अनियमित्ताओं की जांच करने के लिए गिरीश बच्चानी सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग अजमेर ने उपखण्ड अधिकारी बिजौलिया, तहसीलदार बिजोलियाँ जिला भीलवाडा को प्रेषित कर लेख क्रमांकः- एफः ट्रस्ट/देव/2024/ मंदिर की दानपात्रो से प्राप्त राशि की गणना हेतु प्रतिनिधि भिजवाने आदेश जारी किया.।
उपरोक्त विषयान्तर्गत लेख है कि प्रन्यास श्री तिलस्वां महादेव मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में शिकायती प्रार्थना पत्र इस कार्यालय में प्राप्त हुआ है जिसमे मंदिर की भेंट पेटी से निकाली गई धन राशि का दुरूपयोग कर राशि को समय समय पर बैंक खातें में नहीं जमा करने एवं दानपात्र को खोलने के संबंध में प्राप्त धन राशि की हेराफेरी करने एवं धनराशि को रात्रि के समय अपने घरों में पहुंचाने के संबंध में शिकायत दर्ज करायी गयी है। प्रन्यास के विरूद्ध प्राप्त इन शिकायतों के संबंध में राजस्थान लोक न्यास अधिनियम 1959 की धारा 38 के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच कार्यवाही आरम्भ कर दी गई है। इसके अतिरिक्त प्रन्यास की वर्तमान कार्यकारिणी की वैधानिकता की भी जांच अधिनियम की धारा 23 के अन्तर्गत वर्तमान में विचाराधीन है। अतः मंदिर/प्रन्यास के दानपात्रो में प्राप्त धन राशि को प्रन्यास हित में प्रन्यास के बैंक खाते में जमा कराने के संबंध मे यह उचित होगा की दान पात्रो को खोलने की सूचना कम से कम 7 दिवस पूर्व तहसीलदार एवं उपखण्ड अधिकारी बिजौलिया कार्यालय को प्रेषित की जावे एवं तहसीलदार एवं उपखण्ड अधिकारी बिजौलिया द्वारा गणना की कार्यवाही हेतु यदि कोई प्रतिनिधि नियुक्त किया जावें तो उसकी उपस्थिति में ही दानपात्र खुलवाया जाकर उसकी गणना के उपरान्त मंदिर के दानपात्रो को प्रशासनिक प्रतिनिधि की उपस्थिति में सीलबन्द किया जावें ताकि दानपात्रो की राशि में किसी भी प्रकार की हेराफेरी ना हो एवं प्राप्त दान राशि को तुरन्त प्रभाव से प्रन्यास के बैंक खाते करावे।